ना-गवार

ना-गवार है कुछ किस्से ज़िन्दगी के
ख्वाबोको आँखोंसे बिछड़ते हुए देखा है

ना-गवार है कुछ हिस्से ज़िन्दगी के
किस्मतको रास्ता बदलते हुए देखा है

ना-गवार है कुछ हादसे ज़िन्दगी के
मौतको रूह्से जुदा होते हुए देखा है

ना-गवार है कुछ हिस्से ज़िन्दगी के
अपनोंको खुदसे नाराज़ होते हुए देखा है





Comments

Popular posts from this blog

📓📖📕પુસ્તક સમીક્ષા📕📖📓

Mera hona