tijori
1)कुछ रिश्ते अजीब होते हैं, आलम तो देखिए
जोड़े भी नहीं जाते, तोड़े भी नहीं जाते
2)*कैसे दूर करूं ये उदासी बता दे कोई ,*
*लगा कर सीने से मुझको रूला दे कोई *
3)मग़रूर हम भी गज़ब के हैं लेकिन,
तेरे ग़ुरूर का बस ज़रा एहतराम करते हैं...
4) मसला यह नहीं की मेरा दर्द कितना था.....
मुद्दा ये था कि तुम्हें परवाह कितनी थीं.......
5) चलो अब ज़िंदगी का, एक तजुर्बा लिया जाए..
जिससे दूर जाना हो, उससे इश्क़ किया जाए
6)*┄┅════❁♥❁════┅┄*
*बड़ी हाय तौबा के दिन थे इश्क़ की शुरुआत के,*
*रफ़्ता रफ़्ता सब खामोश हुआ wo bhi me bhi, इश्क़ भी.💔🥺
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